कानपुरः जीएसटी में एसआईबी मैनेजमेंट सिस्टम से रुकेगी वसूली

जीएसटी में छापेमारी की आड़ में चल रही वसूली पर अंकुश लगाने के लिए पहली बार ठोस पहल की गई है। छापा मारने से पहले पुख्ता होमवर्क न करना अफसरों पर भारी पड़ेगा। इसके लिए एसआईबी मैनेजमेंट सिस्टम बनाया गया है। जिसमें एक-एक गतिविधि की आनलाइन जानकारी देना होगी। इस संबंध में वाणिज्य कर कमिश्नर कामिनी चौहान रतन ने विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। कानपुर के कारोबारियों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक से इस संबंध में शिकायत की है कि नियम कायदे कानून ताक पर रखकर छापे मारे जा रहे हैं। जरा सी मानवीय भूल पर माल सीज किया जा रहा है। लाखों का माल छोड़ने के एवज में फिरौती की तरह वसूली की जा रही है।
स्टेट जीएसटी में तलाशी और अभिग्रहण पर प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के लिए आनलाइन शैड्यूल तैयार किया गया है। इसे एसआईबी मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) नाम दिया गया है। छापे के लिए ज्वाइंट कमिश्नर स्तर का अधिकारी ही प्रॉपर आफिसर होगा। इसी स्तर का अधिकारी तलाशी आदि की कार्रवाई कर सकेगा। तलाशी से पहले, तलाशी के दौरान और माल सीज करने के दौरान प्रत्येक चरण को एसएमएस माड्यूल में फीड करना होगा।
आनलाइन निगरानी सिस्टम की बारीकी इसी से समझी जा सकती है कि जिस कारोबारी पर छापा मारना है, उसका केस प्रोफाइल अपलोड करना होगा। तलाशी से पहले कारोबारी की पूरी केस प्रोफाइल तैयार की जाएगी। ये प्रोफाइल संबंधित खंड के ज्वाइंट कमिश्नर के पास स्वत: पहुंच जाएगी। सक्षम अधिकारी रिपोर्ट को क्रास चेक करेगा। इसके बाद ही छापे-तलाशी का अधिकार पत्र जारी किया जाएगा।
इसके बाद सर्च वारंट और तलाशी का ब्योरा देना होगा। दूसरे चरण में छापे के दौरान कौन-कौन से माल को जब्त किया गया है, इसका विवरण डालना होगा। जांच रिपोर्ट भी फीड करना होगी। टैक्स रिकवरी और पेनाल्टी तक की जानकारी पोर्टल में फीड होगी। अगर तलाशी के दौरान मिले माल को छोड़ दिया गया है तो उसका कारण बताना होगा। इतनी कवायद छापे और तलाशी के नाम पर उत्पीड़न की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए की गई है।

source:https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/story-kanpur-recovery-from-the-sib-management-system-in-gst-2109655.html

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